आरिया ने गहरी साँस ली, और अपनी कविता में अपने माँ की अनकही कहानियों को बुनते हुए मंच पर आगे बढ़ी। दर्शकों की तालियों की गूँज में, माँ की ‘अन्तर‑वासन’ भी खिल उठी।
श्वेता एक १२ साल की बच्ची थी, जो अपनी माँ रिया के साथ बहुत करीब थी। रिया एक अकेली माँ थी, जिसने श्वेता को बहुत प्यार और समर्थन दिया था। श्वेता को अपनी माँ से हर बात साझा करने में कोई झिझक नहीं थी। mom with daughter story antarvasna hindi
RIA ने आरोही को गले लगाकर कहा, "बेटी, मैं तुम्हारे साथ हूँ और तुम्हारे सपनों को पूरा करने में तुम्हारी मदद करूँगी।" आरिया ने गहरी साँस ली
साल बीतते‑बीतते, आरिया बड़ी हुई, और उसकी माँ के साथ वह एक छोटे से बगीचे में रोज़ “बीज‑कहानी” लिखती रही। आरिया बड़ी हुई
माँ और बेटी की कहानी: एक अनमोल बंधन